thermal power plant : ताप विद्युत संयंत्र

तो आज हम बात करने वाले है एक ऐसे विषय पर जो बेहद ही अच्छा और जरूरी भी है आप सभी ने थर्मल पावर प्लांट के बारे मे तो सुना ही होगा ये एक बहुत ही बढ़ा यूनिट है जो की 3 से 4 किलोमीटर तक या किसी - किसी जगह पर 5 से 6 किलोमीटर तक फैला हुआ होता है इसमे सबसे पहले हम ट्रैन के माध्यम से कोईला लाकर और इसको बायलर मे पंहुचा कर इसको स्टीम बनाते है और टरबाइन के द्वारा उलटरनेट को घूमा कर हम करंट बना कर भेज देते है |

थर्मल प्लांट का वाटर साइकिल कैसे चलता है हम आपको ये भी बहुत ही विस्तार से समझाने वाले है हालांकि ये विषय थोड़ा मुश्किल है लेकिन हमे पूरी उम्मीद है की हम आपको समझाने का पूरा प्रयास करेंगे |


लोगो द्वारा पूछे गए कुछ जरूरी प्रश्न ?
1. थर्मल पावर प्लांट क्या है?
2. थर्मल पावर प्लांट कैसे काम करता है?
3. इसको बनाने की विधि क्या है?

तो हमे सबसे पहले इसमे पानी खौलाने के लिए हीट चाहिए होती है और हीट बनाने के लिए हमे चाहिए होता है कोईला लेकिन कोइला हमे थोड़ी नही अधिक मात्रा मे चाहिए होता है क्योकि इसमे थोड़े बहुत कोईले से कुछ नही होगा अगर कोईले के मात्रा काम हुई तो बिजली कट जाएगी इसमे हम 1.5 मिलियन टन कोइला रखते है इसमे 40 दिन का स्टॉक होता है

कोइला को हम कोल् हैंडलिंग डिपार्टमेंट मे रखते है जैसे आप ट्रैन मै सफर करते हो तो आपने देखा ही होगा की कोईले से भारी हुई माल गाड़ी ( ट्रैन ) आपने जाते हुए देखि होंगी तो ट्रैन यहाँ कोइला डिपार्टमेंट मे आकर कोइले को निकल देती है और फिर चली जाती है

जहाँ ट्रैन आकर रूकती है जिसमे कोइला होता है ट्रैन कर नीचे ही स्टोरेज लगाया हुआ होता है ट्रैन आने के बाद उसके अंदर के सारे कोईले को नीचे की और गिरा दिया जाता है जिस से वह सारा कोइला धीरे धीरे होकर प्लांट तक पहुँचता है ट्रैन से कोइला कई प्रकार मे खाली किया हमारा तात्पर्य यह है की ट्रैन से कोइला खाली करने की बहुत सी प्रक्रिया होती है

जैसे मशीन द्वारा ट्रैन के डिब्बे को पलटा जाता है जिस से उस डिब्बे का सारा कोइला नीचे कोइला स्टोरेज मे गिर जाता है फिर उसके बाद जो गिराया हुआ कोइला होता है उसको हम मशीन द्वारा उठा लेते है और फिर उसको कन्वयर मे गिराने के बाद उसको कन्वयर द्वारा आगे भेजा जाता है


कोल यार्ड से कोइला उठाने के लिए बहुत ही भारी भरकम मशीन बनायीं गयी है वो मशीन अपने बनाये गए ट्रेक के द्वारा आगे पीछे भी जा सकती है ये मशीन अलग अलग यार्ड तक पहुंचने मे सिमित है ये मशीन ऊपर नीचे भी हो सकती है अब इस मशीन मे नीचे की और जो चक्र लगा होता है जिस प्रकार हमारी घड़ी की सुई चलती है उसकी उलटी तरफ वो चक्र चलता है

वो चक्र नीचे पड़े हुए कोइले को ऊपर की तरफ फेकता है जिस से वो सारा कोइला उस मशीन के कंटेनर मे इकठ्ठा हो जाता है अब इसके बाद कंटेनर का कोइला कन्वयर बेल्ट के माध्यम से प्लांट तक पहुँचता है प्लांट चाहे जितनी भी दूर हो उस से कोई फर्क नही पड़ता क्यूकी कन्वयर बेल्ट का काम है उस कोईले को प्लांट तक पहुंचना |

कन्वयर बेल्ट बहुत ही ज्यादा जरूरी है क्योकि कन्वयर बेल्ट के जरिये हम कोइले को कितनी भी दूर ले जा सकते है अब कोइले का साइज जैसे बढ़ा भी हो सकता है या छोटा भी तो कन्वयर बेल्ट के जरिये सभी कोईले को क्रशर मशीन मे भेजा जाता है क्रशर के बाद कोईले को दुबारा कन्वयर बेल्ट मे भेजता जाता है और वहा से उसको ऐसी मशीन मे डाला जाता है जिस से उस कोइले को बिलकुल पाउडर बना दिया जाता है


जिस प्रकार से आप अपने चेहरे पर पाउडर लगाते है उसी तरह से उस कोइले को पाउडर बना दिया जाता है इसके बाद इस पोडर को बायलर मै भेजा जाता है कोइले का पाउडर जब बॉईल होने लगता है तो उसके नीचे पाइप के द्वारा उसमे पानी भेजा जाता है जो कोईले की भारी परत होती है वो बायलर के नीचे जम जाती है और बाकी भाप बनकर ऊपर की तरफ जाती है

बायलर मे लगे हुए पाइप बहुत ही गरम होते है जो की उसके ऊपर पानी की टंकी रहती है जो की गरम होती है जो की कोइला उसको भाप के रूप मे बदल देता है तो हमने आपको बताया की किस प्रकार से थर्मल पावर प्लांट काम करता है |

हमने आपको हर एक प्रोसेस पूरा कांसेप्ट पूरी तरह से अच्छे से समझाया है तो अब आप आप को थोड़ी और जानकारी देते है हम ताप विद्युत केन्द्र (thermal power plant) वह विद्युत उत्पादन संयंत्र है जिसमें प्रमुख घूर्णी (प्राइम मूवर) भाप से चलाया जाता है। यह भाप कोयला, गैस आदि को जलाकर एवं पानी को गर्म करके प्राप्त किया जा सकता है

तो अब आप समझ ही गए होंगे की किस प्रकार इसकी प्रक्रिया को पूर्ण तरह से किया जाता है किस तरह से कोइले से बिजली तक पहिचाने की विधि को पूर्ण किया जाता है तो थोड़ा और इसके बारे मै हम बताते है आपको | 

अगर इसका उधारण एक सही और आसान शब्दों मै जिया जाए जो की सभी की समझ मै आजाये तो वो ये है की हम पानी को गर्म करना चाहें तो हम ईंधन का प्रज्ज्वलन करते हैं फिर बर्तन में पानी रख कर उस पर गर्म करते है। ईंधन की ऊष्मा से बर्तन और बर्तन से ऊष्मा पानी को गर्म करती है। यह एक सामान्य और आसान सा उदाहरण है। अब थर्मल पॉवर से बिजली का उत्पादन किया जाता है।

थर्मल पावर प्लांट से बिजली बनाने की प्रक्रिया बेहद मुश्किल है जो की आम तौर पर हम घर मै इतनी बिजली इस्तमाल करते है और इतनी बिजली वास्ते है तो हमे हर चीज की बचत करनी चाहिए वरना एक समय ऐसा भी आएगा जब बिजली ही नही पानी, पेड़ सब खत्म हो जायेंगे 

तो उम्मीद है हमने आपके सभी सवालों के जवाब सही से दिए होंगे की thermal power plant : ताप विद्युत संयंत्र क्या होता है ऐसी ही अधिक जानकारी से जुड़े रहिये हमारे साथ duniyakagyan.in से

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