How To Make Ethanol : इथेनॉल बनाने का तरीका

तो अब हम बात करने वाले इथेनॉल ब्लेंडिंग क्या होता है? और इसके लिए फ्लेक्सी फ्यूल ही किउ जरुरी है और इंजन मे किउ बदलाव किये जाते है और हम बात करते है की ये कैसे बनता है ? बहुत से लोगो का ये प्रश्न की हमे इथेनॉल के बारे मे किउ जानना चाइये अथवा जिसके कारन बहुत से लोगो को सही इनफार्मेशन नहीं मिल पाती है जिसके कारन लोग सही जानकारी प्राप्त ना होने के कारन आने वाले टाइम मे बहुत घाटे मे जाने वाले है


तो लोगो के प्रश्न कुछ इस प्रकार से है :- 
 1. इथेनॉल क्या है ?
 2. इथेनॉल हमारे किस काम का है ?
 3. इथेनॉल ब्लेंनडिंग क्या होता है ?
 4. इथेनॉल बनाने का तरीका ? 

तो पेट्रोल मै जब इथेनॉल मिला दिया जाता है एथियल अलकहौल तो हम उसको मिक्सचर ना बोल कर ब्लेंनडिंग बोलते है और अगर सही मायने मै देखा जाए तो इस से हमारा पेट्रोल का कुछ प्रतिशत पैसा बच जाता है और अगर देखा जाए तो हमारे पेट्रोल मै 15 प्रतिशत इथेनॉल होता है लेकिन भारत सरकार का टारगेट कुछ इस प्रकार से है की इसको 15 प्रतिशत से बढ़ा कर 20 प्रतिशत कर दिया जाए |

पेट्रोल मे इथेनॉल मिला देने की प्रक्रिया को इथेनॉल ब्लेंनडिंग कहा जाता है लेकिन अब आप सोच रहे होंगे की ऐसा क्यू हो रहा है या ये हमारे लिए क्यू जरूरी है तो हम आपको बता दे की भारत के पास अगर देखा जाए तो बहुत ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री है और अगर विश्व मै देखा जाए तो हम तीसरे नंबर पर आते है मगर हमारे भारत मै अगर - अलग तरह के वाहन बनाये जाते है और अगर सही माइने मै देखे तो भारत मे 26 मिलियन वाहन 1 साल मे बनाये जाते है 


हमारे भारत मे 26 मिलियन वाहन हर साल बन तो जरूर रहे है लेकिन अगर देखा जाए तो 5 मिलियन वाहन हम निर्यात कर देते है लेकिन हमारे पास 20 मिलियन वाहन अभी भी बचा हुआ है तो लगभग भारत मे 1 साल मे 20 मिलियन वाहन बनाये जाते है

अब इसमे गंभीर बात तो यह है की गाड़िया चल किस से रही है जाहिर सी बात है पेट्रोल से और पेट्रोल कहा से आ रहा है बाहर से तो यानी की 80 प्रतिशत पेट्रोल बाहर से आता है अब बाहर से मंगाया गया पेट्रोल या तो कुए से आ रहा है या रिक से आ रहा है जो समुद्र द्वारा निकला जाता है 

लेकिन पेट्रोल खरीदने का मतलब यह नही की मामला यही खत्म हो गया नही ऐसा नही है भारत सरकार कच्चा पेट्रोल खरीदती है जिसको क्रूड आयल कहा जाता है जो की हम बैरल द्वारा खरीदते है लेकिन इस से यह नुक्सान है की बाहर से परटोल खरीदने से हमारा बहुत पैसा अधिक मात्रा मै विदेशियों के पास चला जाता है आप उम्मीद भी नहीं कर सकते इतना अधिक पैसा विदेशियों के पैसा चला जाता है

अब आप सोचेंगे की लगभग दस-बीस करोड़ रुपये चले जाता होगा लेकिन आपके होश उड़ जाएंगे जब आपको ये पता लगेगा की 65 बिलियन डॉलर हर साल विदिशाइयो के पास चला जाता है भारत सरकार द्वारा , 50,41,17,57,50,000 इतना पैसा लगभग हर साल विदेशियों के पास चला जाता है पचास खरब , इतआलिस अरब , सत्रा करोड़ , सतावन लाख , पचास हज़ार रुपये प्रति साल भारत सरकार द्वारा विदेशी को चला जाता है जिन से भारत कच्चा पेट्रोल खरीदता है

ये विदेशियों को दिया हुआ पैसा असल मै हमारे द्वारा पाया किया गया टैक्स ही होता है जो हर साल विदेशियों को दे दिया जाता है वो तो हमे सिर्फ कच्चा तेल निकल कर दे देते है लेकिन असल मै हमारा अधिक मात्रा मे पैसा चला जाता है इसलिए भारत सरकार द्वारा लिए गए फैसले कुछ इस प्रकार है की अगर पेट्रोल मे बीस प्रतिशत इथेनॉल मिला दे तो आप ये देखिये की हमारा कितना पैसा बाहर विदेशियों के पास जाने से बच जायेगा हमने ऊपर आपको जो रकम दिखाई है आप उसका बीस प्रतिशत घटा कर देखिये हमारा बहुत पैसा बच जायेगा

भारत सरकार द्वारा लिए गए फैसले कैच इस प्रकार है की अगर बीस प्रतिशत पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने का प्लान उनका कमियाब रहा तो वो बीस प्रतिशत sसे बढ़ा कर इसको तीस प्रतिशत कर देंगे फिर तीस प्रतिशत को बढ़ा को पचास प्रतिशत कर देंगे फिर पचास से अस्सी प्रतिशत तो आप लोग खुद सोचिये की कितना पैसा सरकार का बच जायेगा जो की हमारा ही पैसा होता है

इथेनॉल बनाने का तरीका , इथेनॉल असल मे C² H/5 OH होता है और जो शराब होती है वो भी इथेनॉल द्वारा ही बनाई जाती है और जो हम सेनिटिज़ेर ( sanitizer ) इस्तमाल करते है उसमे भी सत्तर प्रतिशत इथेनॉल ही मिलाया होता है भारत सरकार का फैसला कुछ ऐसा है की पहले बीस प्रतिशत इथेनॉल मिलाया जायेगा अगर ये सफल रहा तो इसके बाद इसमे पचास प्रतिशत इथेनॉल मिलाने की प्रक्रिया शुरु करी जाएगी

लेकिन अब बात आती है की जो गाड़िया या वाहन हम इस्तमाल करते है वो डीज़ल या पेट्रोल से चलने वाले होते है उनका इंजन पेट्रोल और डीजल जैसे आयल से ही चल सकता है लेकिन अगर हमें इथेनॉल से अपने वाहन को चलना है तो उसके लिए हमें इंजन मे भी कुछ बदलाव करने बेहद जरूरी है

तो भारत सरकार सभी कंपनियों को टाइम गाइडलाइन्स देने वाली है की इतने समय के बाद आपको फ्लेक्सी फ्यूल इंजन ही बनाना है फ्लेक्सी फ्यूल के इंजन के बन जाने से सबसे पहले तो इसमे देखा जाए तो इसका प्राइस कम रहेगा उसके बाद इसमे प्रदुषण भी बहुत काम रहेगा क्योकि पेट्रोल और डीज़ल से चलबे ववाली गाड़ियों से अधिक प्रदुषण निकलता है लेकिन अगर वही इस्तमाल किया जाए फ्लेक्सी फ्यूल यानी की इथेनॉल का तो इसमे प्रदुषण भी बहुत ही काम होगा

लेकिन इसके लिए हमे प्रति वर्ष 500 करोड़ इथेनॉल बनाना होगा, लेकिन अगर हर स्टेट मे या हर जगह अगर 10 से 20 फैक्ट्रीया भी बन जाती है तो इस से काम से 10 से 15 हज़ार लोगो को रोज़गार मिलने की संभावना अधिक रहेगी अब बात आती है की इथेनॉल बनता कैसे है तो इथेनॉल बनता है सड़े हुए अनाज से जो हम सड़े हुए अनाज को फेक देते है उसी से इथेनॉल बनाया जाता है और इस जो सड़ा हुआ अनाज फेक दिया जाता है वो भी बर्बाद नहीं जायेगा


इथेनॉल को गन्ने ( ईख ) द्वारा भी बनाया जा सकता है जैसे देखा जाए तो जो चावल टूट जाता है और बाजार मै बहुत ही सस्ते दामों मे मिलता है तो इस से भी इथेनॉल बनाया जा सकता है और जो मक्का फसल होती है वो अधिकतर सस्ते दामों मे ही बिकती है तो सरकार किसानों को ये बोल कर की हम तुमसे 600₹ किलो प्रति कुंटल ले रहे है खरीद लेती है चावल की जो पराली होती है जिसको भूसी कहा जाता है जिसको जला दिया जाता है लेकिन फिर इसको जलाने की जगह इसको सड़ा कर इथेनॉल बना सकते है

Read in english :- How is Ethanol Made ?

तो उम्मीद है हमने आपके सभी सवालों के जवाब दिए होंगे इथेनॉल बनाने का तरीका क्या है ?तो ऐसी ही और भी जानकारी प्राप्त करने के लिए जुड़े रहिये duniyakagyan.in से 

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